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मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• जनà¥à¤¤à¥à¤“ं के केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° का नियंतà¥à¤°à¤£ केनà¥à¤¦à¥à¤° है। यह उनके आचरणों का नियमन à¤à¤‚व नियंतà¥à¤°à¤£ करता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤§à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सिर में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है तथा खोपड़ी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहता है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, आà¤à¤–, नाक, जीठऔर कान से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤†, उनके करीब ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सà¤à¥€ रीढ़धारी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होता है परंतॠअमेरूदणà¥à¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में यह केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• या सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° गैंगलिया के रूप में होता है। कà¥à¤› जीवों जैसे निडारिया à¤à¤‚व तारा मछली में यह केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤à¥‚त न होकर शरीर में यतà¥à¤° ततà¥à¤° फैला रहता है, जबकि कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे सà¥à¤ªà¤‚ज में तो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• होता ही नही है। उचà¥à¤š शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे मानव में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त जटिल होते हैं। मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में लगà¤à¤— १ अरब (१,००,००,००,०००) तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाà¤à¤‚ होती है, जिनमें से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अनà¥à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाओं से १० हजार (१०,०००) से à¤à¥€ अधिक संयोग सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करती हैं। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सबसे जटिल अंग है।[1]
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगो के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का नियंतà¥à¤°à¤£ à¤à¤µà¤‚ नियमन होता है। अतः मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को शरीर का मालिक अंग कहते हैं। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨, बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿, तरà¥à¤•शकà¥à¤¤à¤¿, सà¥à¤®à¤°à¤£, विचार निरà¥à¤£à¤¯, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ आदि का नियंतà¥à¤°à¤£ à¤à¤µà¤‚ नियमन करना है। तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पूरे विशà¥à¤µ में बहà¥à¤¤ तेजी से विकसित हो रहा है। बडे-बड़े तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ीय रोगों से निपटने के लिठआणà¥à¤µà¤¿à¤•, कोशिकीय, आनà¥à¤µà¤‚शिक à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संदरà¥à¤ में समगà¥à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर विचार करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता को पूरी तरह महसूस किया गया है। à¤à¤• नये अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में निषà¥à¤•रà¥à¤· निकाला गया है कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के आकार से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की à¤à¤²à¤• मिल सकती है। वासà¥à¤¤à¤µ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® à¤à¤• अलग वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के रूप में होता है और जैसे जैसे उनके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास होता है उसके अनà¥à¤°à¥à¤ª उनका वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ à¤à¥€ तैयार होता है।[2]
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Brain), खोपड़ी (Skull) में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। यह चेतना (consciousness) और सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ (memory) का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। सà¤à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤‚दà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ - नेतà¥à¤°, करà¥à¤£, नासा, जिहà¥à¤°à¤¾ तथा तà¥à¤µà¤šà¤¾ - से आवेग यहीं पर आते हैं, जिनको समà¤à¤¨à¤¾ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का कामà¥à¤° है। पेशियों के संकà¥à¤šà¤¨ से गति करवाने के लिये आवेगों को तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ासूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ तथा उन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का नियमन करने के मà¥à¤–à¥à¤¯ केंदà¥à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में हैं, यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ मेरूरजà¥à¤œà¥ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥‹ से होती रहती हैं। अनà¥à¤à¤µ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को सगà¥à¤°à¤¹ करने, विचारने तथा विचार करके निषà¥à¤•रà¥à¤· निकालने का काम à¤à¥€ इसी अंग का है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की रचना
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में ऊपर का बड़ा à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (hemispheres) कपाल में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं। इनके पीछे के à¤à¤¾à¤— के नचे की ओर अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (cerebellum) के दो छोटे छोटे गोलारà¥à¤˜ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ दिखाई देते हैं। इसके आगे की ओर वह à¤à¤¾à¤— है, जिसको मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• या मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥à¤²à¥à¤— (midbrain or mesencephalon) कहते हैं। इससे नीचे को जाता हà¥à¤† मेरूशीरà¥à¤·, या मेदà¥à¤²à¤¾ औबà¥à¤²à¤¾à¤‚गेटा (medulla oblongata), कहते है।
पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से ढके हà¥à¤ हैं, जिनको तानिकाà¤à¤ कहते हैं। ये तीन हैं: दृढ़ तानिका, जालि तानिका और मृदॠतानिका। सबसे बाहरवाली दृढ़ तानिका है। इसमें वे बड़ी बड़ी शिराà¤à¤ रहती हैं, जिनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रकà¥à¤¤ लौटता है। कलापासà¥à¤¥à¤¿ के à¤à¤—à¥à¤¨ होने के कारण, या चोट से कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो जाने पर, उसमें सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ शिराओं से रकà¥à¤¤ निकलकर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मे जमा हो जाता है, जिसके दबाव से मसà¥à¤·à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कोशिकाà¤à¤ बेकाम हो जाती हैं तथा अंगों का पकà¥à¤·à¤¾à¤˜à¤¾à¤¤ (paralysis) हो जाता है। इस तानिका से à¤à¤• फलक निकलकर दोनों गोलारà¥à¤§à¥‹ के बीच में à¤à¥€ जाता है। ये फलक जहाठतहाठदो सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ में विà¤à¤•à¥à¤¤ होकर उन चौड़ी नलिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं, जिनमें से हाकर लौटनेवाला रकà¥à¤¤ तथा कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मेरूदà¥à¤°à¤µ à¤à¥€ लौटते है।
पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•
इसके दोनों गोलारà¥à¤˜à¥‹ का अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों की अपेकà¥à¤·à¤¾ बहà¥à¤¤ बड़ा होना मनà¥à¤·à¥à¤¯ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की विशेषता है। दोनों गोलारà¥à¤§ कपाल में दाहिनी और बाईं ओर सामने ललाट से लेकर पीछे कपाल के अंत तक फैले हà¥à¤ हैं। अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— इनसे छिपे हà¥à¤ हैं। गोलारà¥à¤§à¥‹ के बीच में à¤à¤• गहरी खाई है, जिसके तल में à¤à¤• चौड़ी फीते के समान महासंयोजक (Corpus Callosum) नामक रचना से दोनों गोलारà¥à¤§ जà¥à¤°à¥‡ हà¥à¤ हैं। गोलारà¥à¤§à¥‹ का रंग ऊपर से घूसर दिखाई देता है।
गोलारà¥à¤§à¥‹ के बाहà¥à¤¯ पृषà¥à¤ में कितने ही गहरे विदर बने हà¥à¤ हैं, जहाठमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के बाहà¥à¤¯ पृषà¥à¤ की वसà¥à¤¤à¥ उसके à¤à¥€à¤¤à¤° घà¥à¤¸ जाती है। à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होता है, मानो पृषà¥à¤ पर किसी वसà¥à¤¤à¥ की तह को फैलाकर समेट दिया गया है, जिससे उसमें सिलवटें पड़ गई हैं। इस कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के पृषà¥à¤ पर अनेक बड़ी छोटी खाइयाठबन जाती हैं, जो परिखा (Sulcus) कहलाती हैं। परिखाओं के बीच धूसर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पृषà¥à¤ के मà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ चकà¥à¤°à¤¾à¤‚शवतदॠà¤à¤¾à¤— करà¥à¤£à¤• (Gyrus) कहलाते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे करà¥à¤£à¤¶à¥à¤·à¥à¤•ली के समान मà¥à¤¡à¥‡ हà¥à¤ से हैं। बडी और गहरी खाइयॉ विदर (Fissure) कहलाती है और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विशिषà¥à¤Ÿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को पृथक करती है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सामने, पारà¥à¤¶à¥à¤µ तथा पीछे के बड़े-बड़े à¤à¤¾à¤— को उनकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खांड (Lobes) तथा खांडिका (Lobules) कहा गया है। गोलारà¥à¤§ के सामने का खंड ललाटखंड (frontal lobe) है, जो ललाटासà¥à¤¥à¤¿ से ढà¤à¤•ा रहता है। इसी पà¥à¤°à¤•ार पारà¥à¤¶à¥à¤µà¤¿à¤•ा (Parietal) खंड तथा पशà¥à¤šà¤•पाल (Occipital) खंड तथा शंख खंड (temporal) हैं। इन सब पर परिशखाà¤à¤ और करà¥à¤£à¤• बने हà¥à¤ हैं। कई विशेष विदर à¤à¥€ हैं। चितà¥à¤° 2. और 3 में इनके नाम और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ दिखाठगठहैं। कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ विदरों तथा परिखाओं की विवेचना यहाठकी जाती है। पारà¥à¤¶à¤¿à¤µà¤• खंड पर मधà¥à¤¯à¤ªà¤°à¤¿à¤–ा (central sulcus), जो रोलैडो का विदर (Fissure of Rolando) à¤à¥€ कहलाती है, ऊपर से नीचे और आगे को जाती है। इसके आगे की ओर पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का संचालन à¤à¤¾à¤— है, जिसकी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पेशियाठसंकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होती है। यदि वहाठकिसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¤¦à¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ दी जाती है तो जिन पेशियों को वहाठकी कोशिकाओं से सूतà¥à¤° जाते हैं उनका संकोच होने लगता है। यदि किसी अरà¥à¤¬à¥à¤¦, शोथ दाब आदि से कोशिकाà¤à¤ नषà¥à¤Ÿ या अकरà¥à¤®à¤£à¤¯ हो जाती हैं, तो पेशियाठसंकोच नहीं, करतीं। उनमें पकà¥à¤·à¤˜à¤¾à¤¤ हो जाता है। दस विदर के पीछे का à¤à¤¾à¤— आवेग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है, जहाठà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ से आवेग पहà¥à¤à¤šà¤¾ करते हैं। पीछे की ओर पशà¥à¤šà¤•पाल खंड में दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, शूक विदर (calcarine fissure) दृषà¥à¤Ÿà¤¿ का संबंध इसी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से है। दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤•ा तथा पथ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गठहà¥à¤ आवेग यहाठपहà¥à¤à¤šà¤•र दृषà¥à¤Ÿ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के (impressions) पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करते हैं।
नीचे की ओर शंखखंड में विलà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤µ के विदर के नीचे का à¤à¤¾à¤— तथा पà¥à¤°à¤¥à¤® शंखकरà¥à¤£à¤• शà¥à¤°à¤µà¤£ के आवेगों को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करते हैं। यहाठशà¥à¤°à¤µà¤£ के चिहà¥à¤°à¥‹à¤‚ की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है। यहाठकी कोशिकाà¤à¤ शबà¥à¤¦ के रूप को समà¤à¤¤à¥€ हैं। शंखखंड के à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ पृषà¥à¤ पर हिपà¥à¤ªà¥‹à¤•ैंपी करà¥à¤£à¤• (Hippocampal gyrus) है, जहाठगंध का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ होता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ इससे संबंधित है। गंध और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के à¤à¤¾à¤— और शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ कà¥à¤› जंतà¥à¤“ं में मनà¥à¤·à¥à¤¯ की अपेकà¥à¤·à¤¾ बहà¥à¤¤ विकसित हैं। यहीं पर रोलैंडो के विदर के पीछे सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करनेवाला बहà¥à¤¤ सा à¤à¤¾à¤— है।
ललाटखंड अनà¥à¤¯ सब जंतà¥à¤“ं की अपेकà¥à¤·à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ में बढ़ा हà¥à¤† है, जिसके अगà¥à¤°à¤¿à¤® à¤à¤¾à¤— का विशेष विकास हà¥à¤† है। यह à¤à¤¾à¤— समसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• और आवेगकेंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से संयोजकसूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ (association fibres) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संबदà¥à¤§ है, विशेषकर संचालक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के समीप सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ उन केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से, जिनका नेतà¥à¤° की गति से संबंध है। इसलिये यह माना जाता है कि यह à¤à¤¾à¤— सूकà¥à¤·à¥à¤® कौशलयà¥à¤•à¥à¤¤ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का नियमन करता है, जो नेतà¥à¤° में पहà¥à¤à¤šà¥‡ हà¥à¤ आवेगों पर निरà¥à¤à¤° करती हैं और जिनमें सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ तथा अनà¥à¤à¤¾à¤µ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। मनà¥à¤·à¥à¤¯ के बोलने, लिखने, हाथ की अà¤à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से कला की वसà¥à¤¤à¥à¤à¤ तैयार करने आदि में जो सूकà¥à¤·à¥à¤® कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ होती हैं, उनका नियंतà¥à¤°à¤£ यहीं से होता है।
पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• उचà¥à¤š à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ माना जाता है। मनà¥à¤·à¥à¤¯ के जो गà¥à¤£ उसे पशॠसे पृथकॠकते हैं, उन सबका सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• है।
पारà¥à¤¶à¥à¤µ निलय (Lateral Ventricles) - यदि गोलारà¥à¤§à¥‹ को अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ दिशा में काटा जाय तो उसके à¤à¥€à¤¤à¤° खाली सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ या गà¥à¤¹à¤¾ मिलेगी। दोनों गोलारà¥à¤§à¥‹ में यह गà¥à¤¹à¤¾ है, जिसको निलय कहा जाता है। ये गोलारà¥à¤§à¥‹ के अगà¥à¤°à¤¿à¤® à¤à¤¾à¤— ललाटखंड से पीछे पशà¥à¤šà¤–ंड तक विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ हैं। इनके à¤à¥€à¤¤à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पर à¤à¤• अति सूकà¥à¤·à¥à¤® कला आचà¥à¤›à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ है, जो अंतरीय कहलाती है। मृदà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¿à¤•ा की जालिका दोनों निलयों में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। इन गà¥à¤¹à¤¾à¤“ं में पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मेरूदà¥à¤°à¤µ à¤à¤°à¤¾ रहता है, जो à¤à¤• सूकà¥à¤·à¥à¤® छिदà¥à¤° कà¥à¤·à¤°à¤¾, जिसे मà¥à¤¨à¤°à¥‹ का छिदà¥à¤° (Foramen of Munro) कहते हैं, दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤šà¥‡à¤¤à¤•ां (optic thalamii) के बीच में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ तृतीय निलय में जाता रहता है।
पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ (Cerebral Cortex)- पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के पृषà¥à¤ पर जो धूसर रंग के पदारà¥à¤¥ का मोटा सà¥à¤¤à¤° चढ़ा हà¥à¤† है, वह पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ कहलाता है। इसके नीचे शà¥à¤µà¥‡à¤¤ रंग का अंतसà¥à¤¥ (medulla) à¤à¤¾à¤— है। उसमें à¤à¥€ जहाठतहाठधूसर रंग के दà¥à¤µà¥€à¤ª और कई छोटी छोटी दà¥à¤µà¥€à¤ªà¤¿à¤•ाà¤à¤ हैं। इनको केंदà¥à¤°à¤• (nucleus) कहा जाता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤¤à¤° विशेषकर तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाओं का बना हà¥à¤† है, यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ उसमें कोशिकाओं से निकले हà¥à¤ सूतà¥à¤° और नà¥à¤¯à¥‚रोमà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ नामक संयोजक ऊतक à¤à¥€ रहते हैं, किंतॠइस सà¥à¤¤à¤° में कोशिकाओं की ही पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤¤à¤¾ होती है।
सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ में कई सà¥à¤¤à¤° हाते हैं। सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के सà¥à¤¤à¤° में दो पà¥à¤°à¤•ार के सूतà¥à¤° हैं: à¤à¤• वे जो à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ को आपस में जोड़े हà¥à¤ हैं (इनमें से बहà¥à¤¤ से सूतà¥à¤° नीचे मेरूशीरà¥à¤· या मे डिगà¥à¤°à¥€ के केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ तथा अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से आते हैं, कà¥à¤› मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• ही में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से संबंध सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करते हैं); दूरे वे सतà¥à¤° हैं जे वहाठकी कोशिकाओं से निकलकर नीचे अंत:-संपà¥à¤Ÿ में चे जाते हैं और वहाठपिरामिडीय पथ (pyramidial tract) में à¤à¤•तà¥à¤° हाकर मे डिगà¥à¤°à¥€ में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ हैं।
मनà¥à¤·à¥à¤¯ तथा उचà¥à¤š शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के पशà¥à¤“ं, जैसे à¤à¤ª, गारिलà¥à¤²à¤¾ आदि में, पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ में विशिषà¥à¤Ÿ सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ का बनना विकास की उनà¥à¤¨à¤¤ सीमा का दà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤• है। निमà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के जंतà¥à¤“ं में न पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ का सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤à¤µà¤¨ ही मिलता है और न पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का इतना विकास होता है।
अंततसà¥à¤¥à¤¾ - यह विशेषतया पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ की काशिकाओं से निकले हà¥à¤ अपवाही तथा उनमें जनेवाले अà¤à¤¿à¤µà¤¾à¤¹à¥€ सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का बना हà¥à¤† है। इन सूतà¥à¤°à¤ªà¥à¤‚जों के बीच काशिकाओं के समूह जहाठतहाठसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं और उनका रंग धूसर है। अंंतसà¥à¤¥à¤¾ शà¥à¤µà¥‡à¤¤ रंग का है।
अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के पिछले à¤à¤¾à¤— के नीचे अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। उसके सामने की ओर मघà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• है, जिसके तीन सà¥à¤¤à¤‚à¤à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। बाहà¥à¤¯ पृषà¥à¤ धूसर पदारà¥à¤¥ से आचà¥à¤›à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ होने के कारण इसका रंग à¤à¥€ धूसर है और पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की ही à¤à¤¾à¤à¤¤à¤¿ उसके à¤à¥€à¤¤à¤° शà¥à¤µà¥‡à¤¤ पदारà¥à¤¥ है। इसमें à¤à¥€ दो गोलारà¥à¤§ हैं, जिनका काटने से बीच में शà¥à¤µà¥‡à¤¤ रंग की, वृकà¥à¤· की शाखाओं की सी रचना दिखाई देती है। अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में विदरों के गहरे होने से वह पतà¥à¤°à¤•ों (lamina) में विà¤à¤•à¥à¤¤ हे गया है। à¤à¤¸à¥€ रचना पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤–ारूपिता (Arber vitae) कहलाती है।
अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का संबंध विशेषकर अंत:करà¥à¤£ से और पेशियों तथा संधियों से है। अनà¥à¤¯ अंगों से संवेदनाà¤à¤ यहाठआती रहती हैं। उन सबका सामंजसà¥à¤¯ करना इस अंग का काम है, जिससे अंगों की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ सम रूप से होती रहें। शरीर को ठीक बनाठरखना इस अंग का विशेष करà¥à¤® है। जिन सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ये संवेग अनà¥à¤®à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की अंतसà¥à¤¥à¤¾ में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ हैं, वे पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ से गोलारà¥à¤§ के à¤à¥€à¤¤à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ दंतà¥à¤° केंदà¥à¤°à¤• (dentate nucleus) में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ हैं, जो घूसर पदारà¥à¤¥, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ कोशिकाओं, का à¤à¤• बड़ा पà¥à¤‚ज है। वहाठसे नठसूतà¥à¤° मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में दूसरी ओर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लाल केंदà¥à¤°à¤• (red nucleus) में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ हैं। वहाठसे संवेग पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में पहà¥à¤à¤š जाते हैं।
मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Mid-brain)
अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सामने का ऊपर का à¤à¤¾à¤— मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤• और नीचे का à¤à¤¾à¤— मेरूशीरà¥à¤· (Medulla oblongata) है। अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का संबंध मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होता है। मघà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में होते हà¥à¤ सूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में उसी ओर, या मधà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤–ा को पार करके दूसरी ओर को, चले जाते हैं।
मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के बीच में सिलà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¸ की अणà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा है, जो तृतिय निलय से चतà¥à¤°à¥à¤¥ निलय में पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मेरूदà¥à¤°à¤µ को पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¥€ है। इसके ऊपर का à¤à¤¾à¤— दो समकोण परिखाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ चार उतà¥à¤¸à¥‡à¤§à¥‹à¤‚ में विà¤à¤•à¥à¤¤ है, जो चतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¯ काय या पिंड (Corpora quadrigemina) कहा जाता है। ऊपरी दो उतà¥à¤¸à¥‡à¤§à¥‹à¤‚ में दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤•ा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नेतà¥à¤° के रेटिना पटल से सूतà¥à¤° पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ हैं। इन उतà¥à¤¸à¥‡à¤§à¥‹à¤‚ से नेतà¥à¤° के तारे में होनेवाली उन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का नियमन होता है, जिनसे तारा संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ या विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ होता है। नीचे के उतà¥à¤¸à¥‡à¤§à¥‹à¤‚ में अंत:करà¥à¤£ के कालà¥à¤•ीय à¤à¤¾à¤— से सूतà¥à¤° आते हैं और उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आठहà¥à¤ संवेगों को यहाठसे नठसूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के शंखखंड के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
मेरूरजà¥à¤œà¥ से अनà¥à¤¯ सूतà¥à¤° à¤à¥€ मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में आते हैं। पीड़ा, शीत, उषà¥à¤£à¤¤à¤¾ आदि के यहाठआकर, कई पà¥à¤‚जो में à¤à¤•तà¥à¤° होकर, मेरूशीरà¥à¤· दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उसी ओर को, या दूसरी ओर पार होकर, पौंस और मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ थैलेमस में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ हैं और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में अपने निरà¥à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ केंदà¥à¤° को, या पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¯à¤¾ में, चले जाते हैं।
अणà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा के सामने यह नीचे के à¤à¤¾à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• तथा संवेदनसूतà¥à¤° अनेक à¤à¤¾à¤—ों को जाते हैं। संयोजनसूतà¥à¤° à¤à¥€ यहाठपाठजाते हैं।
पौंस वारोलिआइ (Pons varolii)- यह à¤à¤¾à¤— मेरूशीरà¥à¤· और मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के बीच में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है और दोनों अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के गोलारà¥à¤§à¥‹à¤‚ को मिलाठरहता है। चितà¥à¤° में यह गोल उरूतà¥à¤¸à¥‡à¤§ के रूप में सामने की ओर निकला हà¥à¤† दिखाई देता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की पीरकà¥à¤·à¤¾ करने पर उसपर अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ दिशा में जाते हà¥à¤ सूतà¥à¤° छाठहà¥à¤ दिखाई देते हैं। ये सूतà¥à¤° अंत:संपà¥à¤Ÿ और मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से पौंस में होते हà¥à¤ मेरूशीरà¥à¤· में चले जाते हैं। सब सूतà¥à¤° इतने उतà¥à¤¤à¤² नहीं हैं। कà¥à¤› गहरे सूतà¥à¤° ऊ पर से आनेवाले पिरामिड पथ के सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के नीचे रहते हैं। पिरामिड पथों के सूतà¥à¤° विशेष महतà¥à¤µ के हैं, जो पौंस में होकर जाते हैं। अनà¥à¤¯ कई सूतà¥à¤°à¤ªà¥à¤‚ज à¤à¥€ पौंस में होकर जाते हैं, जो अनà¥à¤¦à¥ˆà¤°à¥à¤§à¥à¤¯, मधà¥à¤¯à¤® और पारà¥à¤¶à¥à¤µ पंज कहलाते हैं। इस à¤à¤¾à¤— में पाà¤à¤šà¤µà¥€à¤‚, छठी, सातवीं और आठवीं तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं के केंदà¥à¤°à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं।
मेरूशीरà¥à¤· (Medulla oblongata) - देखने से यह मे डिगà¥à¤°à¥€ का à¤à¤¾à¤— ही दिखाई देता है, जो ऊपर जाकर मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और पौंस में मिल जाता है; किंतॠइसकी रचना मेरूरजà¥à¤œà¥ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ है। इसके पीछे की ओर अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• है। यहाठइसका आकार मेरà¥à¤°à¤œà¥à¤œà¥ से दà¥à¤—ना हो जाता है। इसके चौड़े और चपटे पृषà¥à¤ à¤à¤¾à¤— पर à¤à¤• चौकोर आकार का खात बन गया है, जिसपर à¤à¤• à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ छाई रहती है। यह चतà¥à¤°à¥à¤¥ निलय (Fourth ventricle) कहलाता है, जिसमें सिलवियस की नलिका दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मेरूदà¥à¤°à¤µ आता रहता है। इसके पीछे की ओर अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• है।
मेरूशीरà¥à¤·à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µ का अंग है। हृतà¥à¤¸à¤‚चालक केंदà¥à¤°, शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤•ेंदà¥à¤° तथा रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चालक केनà¥à¤¦à¥à¤° चतà¥à¤°à¥à¤¥ निलय में निचले à¤à¤¾à¤— में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं, जो इन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का नियंतà¥à¤°à¤£ करते हैं। इसी à¤à¤¾à¤— में आठवीं, नवीं, दसवीं, गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹à¤µà¥€à¤‚ और बारहवीं मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•ीय तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं के केनà¥à¤¦à¥à¤° à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं। यह à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तथा मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से अनेक सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है और अनेक सूतà¥à¤° मेरूरजà¥à¤œà¥ में जाते और वहाठसे आते हैं। ये सूतà¥à¤° पà¥à¤‚जों में समूहित हैं। ये विशेष सूतà¥à¤°à¤ªà¥à¤‚ज हैं:
1. पिरामिड पथ (Pyramidal tract), 2. मधà¥à¤¯à¤® अनà¥à¤¦à¥ˆà¤°à¥à¤§à¥à¤¯à¤ªà¥à¤‚ज (Median Longitudinal bundles), तथा 3. मधà¥à¤¯à¤® पà¥à¤‚जिका (Median filler)।
पिरामिड पथ में केवल पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• (motor) सूतà¥à¤° हैं, जो पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• कोशिकाओं से निकलकर अंत:संपà¥à¤Ÿ में होते हà¥à¤, मधà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और पौंस से निकलकर, मेरूशीरà¥à¤·à¤• में आ जाते हैं और दो पà¥à¤‚जों में à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होकर रजà¥à¤œà¥ की मधà¥à¤¯ परिखा के सामने और पीछे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होकर नीचे को चले जाते हैं। नीचे पहà¥à¤à¤šà¤•र कà¥à¤› सूतà¥à¤° दूसरी ओर पार हो जाते हैं और कà¥à¤› उसी ओर नीचे जाकर तब दूसरी ओर पार होते हैं, किंतॠअंत में ससà¥à¤¤ सूतà¥à¤° दूसरी ओर चले जाते हैं। जहाठवे पेशियों आदि में वितरित होते हैं। इसी कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पर à¤à¤• ओर चोट लगने से, या वहाठरकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होने से, उस ओर की कोशिकाआं के अकरà¥à¤®à¤£à¤¯ हो जाने पर शरीर के दूसरी ओर की पेशियों का संसà¥à¤¤à¤‚ठहोता है।
मधà¥à¤¯à¤® अनà¥à¤¦à¥ˆà¤°à¥à¤§à¥à¤¯ पà¥à¤‚जों के सूतà¥à¤° मघà¥à¤¯à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और पौंस में होते हà¥à¤ मेरूशीरà¥à¤· में आते हैं और कई तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाआं के केंदà¥à¤° को उस ओर तथा दूसरी ओर à¤à¥€ जोड़ते हैं, जिससे दोनों ओर की तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का नियमन सà¤à¤µ होता है।
'मधà¥à¤¯à¤® पà¥à¤‚जिका में केवल संवेदन सूतà¥à¤° हैं। चह पà¥à¤‚जिका उपरà¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ दोनों पà¥à¤‚जों के बीच में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। ये सूतà¥à¤° मेरà¥à¤°à¤œà¥à¤œà¥ से आकर, पिरामिड सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के आरपार होने से ऊपर जाकर, दूसरी ओर के दाहिने सूतà¥à¤° बाईं ओर और वाम दिशा के सूतà¥à¤° दाहिनी ओर को पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ केंदà¥à¤°à¥‹ में चले जाते हैं।
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